Monday, 31 March 2014

सावन के महीने में भगवान शंकर की विशेष रूप से पूजा की जाती है।


श्रावण मास में शिव पूजा

सावन में शिवशंकर की पूजा :- सावन के महीने में भगवान शंकर की विशेष रूप से पूजा की जाती है। इस दौरान पूजन की शुरूआत महादेव के अभिषेक के साथ की जाती है। अभिषेक में महादेव को जल, दूध, दही, घी, शक्कर, शहद, गंगाजल, गन्ना रस आदि से स्नान कराया जाता है। अभिषेक के बाद बेलपत्र, समीपत्र, दूब, कुशा, कमल, नीलकमल, ऑक मदार, जंवाफूल कनेर, राई फूल आदि से शिवजी को प्रसन्न किया जाता है। इसके साथ की भोग के रूप में धतूरा, भाँग और श्रीफल महादेव को चढ़ाया जाता है। पुराणों के अनुसार जब देवी सती ने योग शक्ति से अपने शरीर का त्याग किया था (उससे पहले सती ने महादेव को हर जन्म में पति के रूप में पाने का प्रण लिया था) अपने दुसरे जन्म में देवी सती ने पार्वती के रूप में जन्म लिया | उन्होनें सावन महीनें में कठोर व्रत करके महादेव को प्रसन्न किया, जिसके बाद श्रावण मास महादेव को प्रिय हो गया | धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान् शिव ने समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष का पान श्रावण मास में ही किया था |
राशि अनुसार करें आराधना : -
मेष राशि:- श्रावण मास में हर रोज बेलपत्र पर लाल चंदन से नम: शिवाय लिखें। इसी मंत्र का जाप करते हुए जलाभिषेक करें। तत्पश्चात यह बेलपत्र शिवलिंग पर अर्पित कर दें।
वृषभ राशि:- सर्वप्रथम शिवलिंग पर गंगाजल और दही से अभिषेक करें। उसके बाद कच्चा दूध चढ़ाएं। तत्पश्चात जल के साथ द्वादश ज्योर्तिलिंगों के मंत्रों का उच्चारण करें। शिवलिंग पर श्वेत चंदन से तिलक करें ।
मिथुन राशि:- हर रोज ऊँ नम: शिवाय का जाप करते हुए गंगाजल में श्रद्धानुसार शहद मिलाकर अभिषेक करें।
कर्क राशि:- गंगाजल, दूध व मिश्री मिलाकर ऊँ चंद्र मोलेश्वराय नम: इस मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें।
सिंह राशि:- श्रद्धानुसार शुद्ध देसी घी से ऊँ अनंनताय नम: मंत्र का जाप करते हुए शिवलिंग पर अभिषेक करें।
कन्या राशि:- ऊँ त्रिमूर्तितेय नम: मंत्र का जाप करते हुए दूध, घी और शहद से अभिषेक करें।
तुला राशि:- दही और गन्ने के रस से शिवलिंग पर ऊँ श्री कंठाय नम: मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें।
वृश्चिक राशि:- गंगाजल में दूध और शक्कर मिलाकर ऊँ नम: शिवाय कालं महाकाल कालं कृपालं ऊं नम: मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें।
धनु राशि:- गंगाजल, कच्चे दूध व केसर मिलाकर ऊँ महेश्वराय नम: इस मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें।
मकर राशि:- बादाम के तेल से ऊँ सर्वभूतहराय नम: मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें।
कुंभ राशि:- घी, शहद और शक्कर से ऊँ अव्यक्ताय नम: मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें।
मीन राशि:- कच्चे दूध, केसर और तीर्थ जल मिलाकर ऊँ सर्वलोक प्रजापतये नम: मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें।

बिल्वपत्र- जन्म जन्मान्तर के पापो से मुक्ति (पूर्व जन्म के पाप आदि)
कमल- मुक्ति, धन, शांति प्रदायक
कुशा- मुक्ति प्रदायक
दूर्वा- आयु प्रदायक
धतूरा- पुत्र सुख प्रदायक
आक- प्रताप वृद्धि
कनेर- रोग निवारक
श्रंघार पुष्प- संपदा वर्धक
शमी पत्र- पाप नाशक

शिव अभिषेक व पूजा में प्रयुक्त द्रव्य विशेष के फल-
मधु- सिद्धि प्रद
दुग्ध से- समृद्धि दायक
कुषा जल- रोग नाशक
ईख रस- मंगल कारक
गंगा जल- सर्व सिद्धि दायक
ऋतू फल के रस- धन लाभ





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